| 日付 | タイトル | 聖書箇所 | 音声 |
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6/7 |
ルカ 10:29-37 |
〇 | |
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5/31 |
ガラテヤ1:1-5 |
〇 | |
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5/24 |
創世記 3:11-24 |
〇 | |
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5/17 |
IIテモテ1:7 |
〇 | |
|
5/10 |
創世記 3:1-10 |
〇 | |
|
5/3 |
創世記 2:4-9 |
〇 | |
|
4/26 |
創世記2:1-3 |
〇 | |
|
4/19 |
創世記 1:27-28 |
〇 | |
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4/12 |
詩篇104:19-35 |
〇 | |
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4/5 |
マタイ 28:1-20 |
〇 | |
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2026年度 |
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3/29 |
イザヤ書53:1-12 |
〇 | |
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3/22 |
詩篇103:1-5 |
〇 | |
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3/15 |
Iペテロ4:10 |
〇 | |
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3/8 |
創世記1:26-27 |
〇 | |
|
3/1 |
創世記1:6-25 |
〇 | |
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2/22 |
ヨハネ3:1 |
〇 | |
|
2/15 |
マルコ9:38-50 |
〇 | |
|
2/8 |
創世記1:3-5 |
〇 | |
|
2/1 |
Ⅰコリント 13:9-13 |
〇 | |
|
1/25 |
創世記1:2 |
〇 | |
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1/18 |
I 列王記 19:9-14 |
〇 | |
|
1/11 |
創世記1-1 |
〇 | |
| 1/4 |
イザヤ書43:19-20 |
〇 | |
| 12/28 |
創世記48:15 |
〇 | |
| 12/21 |
ヨハネ1:14-18 |
〇 | |
| 12/14 |
マルコ9:30-37 |
〇 | |
| 12/7 |
コロサイ 2:18-19 |
〇 | |
| 11/30 |
コロサイ 2:16-17 |
〇 | |
| 11/23 |
詩篇103:1-2 |
〇 | |
| 11/16 |
IIコリント8:1-7 |
〇 | |
| 11/9 |
Ⅰコリント13:1-8 |
〇 | |
| 11/2 |
マルコ 9:9-29 |
〇 | |
| 10/26 |
コロサイ2:11-15 |
〇 | |
| 10/19 |
ヨシュア5:1-15 |
○ | |
| 10/12 |
コロサイ2:8-10 |
〇 | |
| 10/5 |
コロサイ2:7 |
〇 | |
| 9/28 |
コロサイ2:7 |
〇 | |
| 9/21 |
創世記12:1-9 |
〇 | |
| 9/14 |
コロサイ2:7 |
〇 | |
| 9/7 |
コロサイ2:6 |
〇 | |
| 8/31 |
ヨハネ14:27 |
〇 | |
| 8/24 |
コロサイ2:3-5 |
〇 | |
| 8/17 |
マルコ9:1-8 |
〇 | |
| 8/10 |
コロサイ2:1-2 |
〇 | |
| 8/3 |
詩篇 73:27-28 |
〇 | |
| 7/27 |
マタイ20:25-28 |
〇 | |
| 7/20 |
ルカ14:15-24 |
〇 | |
| 7/13 |
ガラテヤ6:1-10 |
〇 | |
| 7/6 |
エペソ4:25~27 |
〇 | |
| 6/29 |
ルカ15:11-24 |
〇 | |
| 6/22 |
マタイ6章9-13 |
〇 | |
| 6/15 |
「仮住まいの喜び、天国の実家を目指す喜び」 (説教要旨はありません) |
ネヘミヤ8:13-18 |
〇 |
| 6/8 |
ヨハネ福音書16:7-11 |
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| 6/1 |
マルコ8章27⁻38 |
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| 5/25 |
コロサイ1:26-29 |
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| 5/18 |
ルカ12:13-21 |
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| 5/11 |
コロサイ1:24-26 |
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| 5/4 |
コロサイ1:21-23 |
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| 4/27 |
マルコ8:22⁻26 |
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| 4/20 |
ローマ6:1-4 |
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| 4/13 |
ローマ3:25 |
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| 4/6 |
コロサイ1:18-20 |
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2025年度 |
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| 3/30 |
コロサイ1:18 |
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| 3/23 |
マルコ8:1-21 |
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| 3/16 |
IIペテロ3:18 |
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| 3/9 | 「御子の偉大さ」 |
コロサイ1:15-17 |
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| 3/2 | 「贖い、罪の赦しを得ています」 |
コロサイ1:14 |
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| 2/23 | 「暗闇の力から救い出し、御子のご支配に移された」 |
コロサイ1:13 |
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| 2/16 | 「主の導きとご配慮」 |
マルコ7:24-37 |
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| 2/9 | 「聖徒の相続分にあずかる資格」 |
コロサイ1:11-12 |
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| 2/2 | 「あらゆる力をもって強くされ」 |
コロサイ1:11 |
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| 1/26 | 「神を知ることにおいて成長しますように」 |
コロサイ1:10 |
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| 1/19 | 「人の中から出てくるものが、人を汚す」 |
マルコ7:1-23 |
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| 1/12 | 「霊的な知恵と理解力、神のみこころ」 |
コロサイ1:9 |
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| 1/5 | 「耐えられない試練に会わせられない」 |
Iコリント10:10-13 |
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| 12/29 | 「主の恵みを思い巡らす」 |
詩篇103:1-5 |
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| 12/22 | 「私たちのために救い主がお生まれになりました」 | ルカ2:1-15、20 | ○ |
| 12/15 | 「しっかりしなさい。わたしだ。恐れることはない。」 | マルコ6:45-56 | ○ |
| 12/8 | 「主への信仰、聖徒への愛、世への福音」 | コロサイ1:3-8 | ○ |
| 12/1 | 「父なる神からの恵みと平安」 | コロサイ1:1-2 | ○ |
| 11/24 | 「私たちを強くする方、知恵に富む唯一の神に栄光がありますように」 | ロー-マ16:17-20,25-27 | ○ |
| 11/17 | 「五つのパンと二匹の魚」 | マルコ6:30-44 | ○ |
| 11/10 | 「私のために、私とともに神に祈ってください」 | ローマ15:30-33 | ○ |
| 11/03 | 「キリストが私を用いて成し遂げて下さった」 | ローマ15:14-21 | ○ |
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お知らせ
早朝礼拝は11月から10:30の礼拝に統合されます。それに伴い、このホームページでは、聖書朗読とメッセージを12:00〜12:30以降に聞く事ができます。
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| 10/27 | ローマ15:7-13 | ○ | |
| 10/20 | マルコ6:14-29 | ○ | |
| 10/13 | エペソ4:2-3 | ○ | |
| 10/6 | ローマ15:1-6 | ○ | |
| 9/29 |
「主イエスの家族は誰か」 (本日は説教要旨はありません。) |
マルコ3:20-22、31-35 | ○ |
| 9/22 | マルコ6:7-13 | ○ | |
| 9/15 | ローマ14:13-19 | ○ | |
| 9/8 | ロ-マ14:6-12 | ○ | |
| 9/1 | ローマ14:1-5 | ○ | |
| 8/25 | 詩篇3 | ○ | |
| 8/18 | ローマ13:11-14 | ○ | |
| 8/11 | ローマ13:8-10 | ○ | |
| 8/4 | ローマ13:1-7 | ○ | |
| 7/28 | ローマ12:15-21 | ○ | |
| 7/21 | マルコ6:1-6 | ○ | |
| 7/14 | ローマ12:12-14 | ○ | |
| 7/7 | ローマ12:9-11 | ○ | |
| 6/30 | ローマ12:4-8 | ○ | |
| 6/23 | マルコ5:21-43 | ○ | |
| 6/16 | ローマ12:3 | ○ | |
| 6/9 | ローマ12:2 | ○ | |
| 4/28 | ローマ11:25-32 | ○ | |
| 4/21 | マルコ4:35-41 | ○ | |
| 4/14 | ローマ11:11⁻24 | ○ | |
| 4/7 | ローマ11:1-10 | ○ | |
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2024年度 |
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| 3/31 | ルカ24:13-27 | ○ | |
| 3/24 | ルカ23:32-47 | ○ | |
| 3/17 | ヨハネ15:9 | ○ | |
| 3/10 | マルコ4:26-34 | ○ | |
| 3/3 | ローマ10:14-21 | ○ | |
| 2/25 | ローマ10:5-13 | ○ | |
| 2/18 | マルコ4:21-25 | ○ | |
| 2/11 | ローマ9:25-10:4 | ○ | |
| 2/4 | ローマ9:19-24 | ○ | |
| 1/28 | ローマ9:6-18 | ○ | |
| 1/21 | ローマ9:1-5 | ○ | |
| 1/14 | マルコ4:1-20 | ○ | |
| 1/7 | 創世記1:1-2 | ○ | |
| 12/31 | ローマ8:38-39 | ○ | |
| 12/24 | Ⅰヨハネ4:7-16 | ○ | |
| 12/17 | ローマ8:35-37 | ○ | |
| 12/10 | ローマ8:34 | ○ | |
| 12/3 | ローマ8:34 | ○ | |
| 11/26 | ローマ8:33-34 | ○ | |
| 11/19 | マルコ3:20-35 | ○ | |
| 11/12 | ローマ8:32 | ○ | |
| 11/5 | ローマ8:31 | ○ | |
| 10/29 | ローマ8:29-30 | ○ | |
| 10/22 | マルコ3:7-19 | ○ | |
| 10/15 | ローマ8:29-30 | ○ | |
| 10/8 | ローマ8:28 | ○ | |
| 10/1 | ローマ8:28 | ○ | |
| 9/24 | ローマ8:28 | ○ | |
| 9/17 | ローマ8:28 | ○ | |
| 9/10 | ローマ8:28 | ○ | |
| 9/3 | ローマ8:28 | ○ | |
| 8/27 | ローマ8:28 | ○ | |
| 8/20 | ローマ8:23-27 | ○ | |
| 8/13 | 使徒16:16-34 | ○ | |
| 8/6 | ローマ8:19-25 | ○ | |
| 7/30 | マルコ2:23-3:6 | ○ | |
| 7/23 | ローマ8-18 | ○ | |
| 7/16 | へブル2:11-18 | ○ | |
| 7/9 | ローマ8:12⁻14 | ○ | |
| 7/2 | ローマ8:9-11 | ○ | |
| 6/25 | Ⅱコリ5:11-21 | ○ | |
| 6/18 | ローマ8:5-8 | ○ | |
| 6/11 | ローマ8:4 | ○ | |
| 6/4 | ローマ8:3 | ○ | |
| 5/28 | ローマ8:2 | ○ | |
| 5/21 | マタイ6:25 | ○ | |
| 5/14 | ローマ8:1 | ○ | |
| 5/7 | ローマ7:14-25 | ○ | |
| 4/30 | ローマ7:7-13 | ○ | |
| 4/23 | ローマ7:1-6 | ○ | |
| 4/16 | ローマ6:20-23 | ○ | |
| 4/9 | ローマ4:20-25 | ○ | |
| 4/2 | ヨハネ19:16-30 | ○ | |
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2023年度 |
|||
| 3/26 | マルコ2:18-22 | ○ | |
| 3/19 | ペテロⅡ1:19-21 | ○ | |
| 3/12 | ローマ6:19 | ○ | |
| 3/5 | ローマ6:15-18 | ○ | |
| 2/26 | ローマ6:12-14 | ○ | |
| 2/19 | ローマ6:5-11 | ○ | |
| 2/12 | ローマ6:1-4 | ○ | |
| 2/5 | ローマ5:18-21 | ○ | |
| 1/29 | マルコ2:13-17 | ○ | |
| 1/22 | ローマ5:12-17 | ○ | |
| 1/15 | ヨハネ15:1-5 | ○ | |
| 1/8 | 創世記1:1-24 | ○ | |
| 1/1 | ピリピ4:10-13 | ○ | |
| 12/25 | ヨハネ1:1-14 | ○ | |
| 12/18 | ローマ5:11 | ○ | |
| 12/11 | ローマ5:10 | ○ | |
| 12/4 | ローマ5:9 | ○ | |
| 11/27 | マタイ17:9-13 | ○ | |
| 11/20 | ローマ5:6-8 | ○ | |
| 11/13 | ローマ5:5 | ○ | |
| 11/6 | ローマ5:2-4 | ○ | |
| 10/30 | マルコ2:1-12 | ○ | |
| 10/23 | ローマ5-2 | ○ | |
| 10/16 | ローマ5:1 | ○ | |
| 10/9 | ヨハネ14:16-17 | ○ | |
| 10/2 | コリントⅠ11:23-28 | ○ | |
| 9/25 | ローマ8:34-39 | ○ | |
| 9/18 | ガラテヤ3:8-14 | ○ | |
| 9/11 | ピリピ2:5-11 | ○ | |
| 9/4 | ローマ8:28-39 | ○ | |
| 8/28 | マタイ6:13 | ○ | |
| 8/21 | マタイ6:13 | ○ | |
| 8/14 | ヨハネ12:12-19 | ○ | |
| 8/7 | マタイ6:12 | ○ | |
| 7/31 | マルコ1-40-45 | ○ | |
| 7/24 | マタイ6:12 | ○ | |
| 7/17 | マタイ6:11 | ○ | |
| 7/10 | マタイ6:10 | ○ | |
| 7/3 | マタイ6:10 | ○ | |
| 6/26 | マタイ6:10 | ○ | |
| 6/19 | マタイ6:9 | ○ | |
| 6/12 | マタイ6:9 | ○ | |
| 6/5 | 使徒1:8-11 | ○ | |
| 5/29 |
「聖書が引き起こす悲しみと喜び」音声のみ |
ネヘミヤ8:1-12 | ○ |
| 5/22 | マルコ1:29-39 | ○ | |
| 5/15 | Ⅱコリント9:6-11 | ○ | |
| 5/8 | ルカ11:1-2 | ○ | |
| 5/1 | ピリピ4:14₋23 | ○ | |
| 4/24 | 「神の御支配・人の分・希望の福音」 |
ローマ11:33-36 |
○ |
| 4/17 | 「主の十字架と復活による天国のすばらしさ」 |
ヨハネ11:25 |
○ |
| 4/10 | 「主の十字架の苦しみと恵み」 | ルカ23:39-47 | ○ |
|
4/3 |
ピリピ4:13 | ○ | |
|
2022年度 |
|||